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पंच परिवर्तन नया विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का हिस्सा है - डॉ अतुल कोठारी

तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला में राजस्थान के नवीन दायित्वों की घोषणा

By चंद्रशेखर January 03, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
पंच परिवर्तन नया विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का हिस्सा है - डॉ अतुल कोठारी
पंच परिवर्तन नया विषय नहीं, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का हिस्सा है - डॉ अतुल कोठारी
जयपुर, 02 जनवरी 2026| शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के तत्वावधान में तथा सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT), सूरत एवं वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। दिनांक 26 से 28 दिसंबर 2025 तक आयोजित इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए 600 से अधिक शिक्षाविदों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विचारकों ने सहभागिता की। राजस्थान क्षेत्र सह संयोजक नितिन कुमार जैन ने बताया कि तीनों दिनों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्स्थापन, मूल्य आधारित शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार, अनुसंधान तथा शिक्षण व्यवस्था में सुधार जैसे विषयों पर गंभीर एवं सार्थक मंथन किया गया। कार्यशाला के प्रथम दिवस शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की संगठनात्मक व कार्यक्रमात्मक गतिविधियों का वृत्त निवेदन भी सभी क्षेत्रों द्वारा किया गया तथा न्यास के चयनित प्रतिमान केन्द्रों की प्रस्तुति भी की गई। गुजरात संगीत नाट्य अकादमी के कलाकारों के द्वारा मंत्रमुग्ध करने वाली प्रस्तुति दी गई। कार्यशाला के द्वितीय दिवस विषयवार बैठकें संपन्न हुई, साथ ही विकसित भारत हेतु शिक्षा विषय पर प्रस्ताव भी सभा के समक्ष रखा गया, जिसपर देशभर से आए कार्यकर्ताओं ने अपना मत रखा। कार्यक्रम के तृतीय दिवस सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया तथा क्षेत्रीय बैठकें आयोजित की गई जिसमे क्षेत्र की संगठनात्मक स्थिति पर चर्चा हुई इसके पश्चात न्यास के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता ने नवीन घोषणाएँ सभी के समक्ष की जिसमें प्रमुख रूप से श्री ओम शर्मा न्यास के नए राष्ट्रीय सह संयोजक होंगे। साथ ही सविता सेंगर न्यास की वैधानिक सह-सचिव होंगी। कार्यशालाओं के विभिन्न सत्रों में संबोधित करते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सचिव डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा को भारतीय मूल्यों, संस्कृति और जीवन दृष्टि से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन लाने वाला कदम बताते हुए उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र के पुनर्निर्माण के लिए पंच परिवर्तन अत्यंत आवश्यक है। यह कोई नया विषय नहीं है, बल्कि भारतीय जीवन पद्धति का मूल तत्व है, जिस पर न्यास और संघ परिवार निरंतर कार्य कर रहे हैं। डॉ कोठारी ने कहा कि न्यास द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। हम देश के सैकड़ों शिक्षण संस्थाओं के साथ मिलकर इसके क्रियान्वयन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष न्यास द्वारा एक राष्ट्र एक नाम : भारत अभियान की शुरुआत की थी और देशभर से 10 लाख हस्ताक्षर करवाने का संकल्प लिया था और मुझे बताते हुए गौरव की अनुभूति हो रही है कि हम लगभग इस लक्ष्य को पूर्ण कर चुके हैं। इस वर्ष की हमारी विशेष उपलब्धि रही के हमने श्रीनगर के विद्यालयों का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया, न्यास देश के हर प्रांत में अपने 11 विषय, 3 आयाम, 3 कार्यविभाग के माध्यम से पहुँच रहा है। समापन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ कोठारी ने कहा कि हमें न्यास का लक्ष्य और स्वयं का लक्ष्य एक बनाना होगा। न्यास के सभी कार्यकर्ताओं से अपेक्षा है कि वे अपने जीवन में शिक्षा परिवर्तन के इस महाभियान को प्राथमिकता दें। हमें पंच परिवर्तन को हमारे जीवन में धारण करना होगा। समापन सत्र में राजस्थान के लिए नवीन दायित्वों की घोषणा में प्रो रमाकांत पांडे, निदेशक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के भारतीय ज्ञान परम्परा विषय के क्षेत्र के संयोजक होंगे, प्रो केशव सिंह ठाकुर, कुलगुरु, गुरु गोविंद जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा के चित्तौड़ प्रांत के अध्यक्ष होंगे, प्रो राजीव जैन, पूर्व कुलगुरु राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर अब प्रबंधन शिक्षा के राजस्थान क्षेत्र संयोजक के नाते काम का करेंगे । कार्यशाला में राजस्थान से 43 प्रांतस्तरीय कार्यकर्ताओं ने सह भागता की की जिसमें प्रमुख रूप से दे दुर्गा प्रसाद अग्रवाल, जयपुर प्रांत अध्यक्ष प्रो राजीव सक्सेना, क्षेत्र संयोजक चंद्रशेखर काछवा, सह संयोजक नितिन कुमार जैन, चित्तौड़ प्रांत संयोजक डॉ अमित शास्त्री, जोधपुर प्रांत संयोजक संदीप जोशी एवं अन्य उपस्थित रहे । कार्यशाला में आगामी योजना के अंतर्गत न्यास आगामी 24-25 जनवरी को दिल्ली में, 21,22 मार्च को जयपुर में ज्ञान सभा आयोजित की जाएगी, साथ ही 28-29 जनवरी 2026 को इंदौर में, 14-15 फरवरी को गुजरात में तथा 28 फरवरी व 1 मार्च को छत्तीसगढ़ में ज्ञान सभा का आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त न्यास आगामी 7-8 मार्च को महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। आगामी 9, 10 व 11 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। हरिद्वार में 17-19 अप्रैल को चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जानी है। बता दें कि इस कार्यशाला में 35 से अधिक विश्वविद्यालयों व शैक्षिक संस्थानों के कुलपति व निदेशक उपस्थित थे जिसमें विशेषकर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति प्रो आलोक चक्रवाल, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अर्पण भारद्वाज, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजेंद्र कुरारिया। कार्यशाला का समापन राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के संकल्प के साथ हुआ।

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