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सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों के संरक्षण का संकल्प ले उमड़ रहा हिन्दू समाज

By चंद्रशेखर February 02, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों के संरक्षण का संकल्प ले उमड़ रहा हिन्दू समाज
मानसरोवर स्थित सरदार पटेल नगर – अग्रवाल फार्म क्षेत्र की सर्वेश्वर बस्ती में विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन सेक्टर-117, 118, 119, द्वारका ट्विन्स, रामकृष्णा अपार्टमेंट, द्वारका अपार्टमेंट्स एवं आसपास के क्षेत्रों के सकल हिन्दू समाज के संयुक्त तत्वावधान में द्वारकादास पुरोहित पार्क (द्वारका पार्क) में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मातृशक्ति द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुआ, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कार्यक्रम स्थल पर संपन्न हुई। इसके पश्चात गायत्री परिवार से पधारे विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विधि-विधान से नौ कुंडीय महायज्ञ एवं महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवारों ने यज्ञाहुतियाँ अर्पित कीं। सम्मेलन में महामंडलेश्वर मनोहर लाल जी के आशीर्वचन प्राप्त हुए। मुख्य वक्ता संस्कार भारती के अखिल भारतीय सह-सम्पर्क प्रमुख श्री उल्लास जी ने अपने प्रभावी उद्बोधन में सनातन संस्कृति, वैदिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राचीन काल से चली आ रही हिन्दू जीवन पद्धति आज भी उतनी ही प्रासंगिक और विश्व के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने समाज को संगठित रहकर समकालीन चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान समाज में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी योगदान देने वाले व्यक्तियों और परिवारों का सम्मान किया गया। इसके पश्चात फाग उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सांस्कृतिक आनंद लिया। अंत में भोजन प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें समाज के सभी बंधुओं ने बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठकर भोजन किया, जिससे सामाजिक सौहार्द और सद्भाव का संदेश गया। सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह को अपनी संस्कृति, विरासत और सनातन मूल्यों की जानकारी दी गई तथा समाज के समक्ष उपस्थित समस्याओं का एकजुट होकर समाधान करने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम स्थल पर सद् साहित्य की बिक्री भी की गई, जिससे वैचारिक जागरूकता को बढ़ावा मिला। विराट हिन्दू सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने, सकारात्मक ऊर्जा के संचार और सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का सशक्त प्रयास रहा।
सामाजिक समरसता और सनातन मूल्यों के संरक्षण का संकल्प ले उमड़ रहा हिन्दू समाज

विराट हिंदू सम्मेलन में अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख श्री अनिल जी ओक ने कहा- हिंदू संस्कृति की चिरंतन ने सामाजिक मूल्यों का संरक्षण किया है।

जयपुर। वैशाली नगर मानसरोवर भाग के वैशाली नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन के अवसर पर अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि “हिंदू संस्कृति अविनाशी है”। यह संस्कृति हजारों वर्षों की कठिन चुनौतियों, आक्रमणों और परिवर्तनों के बावजूद आज भी जीवंत है और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेगी। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानना और उन्हें जीवन में आत्मसात करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर मूल्य की स्थापना के लिए त्याग और तपस्या आवश्यक होती है। नैतिकता, सामाजिक समरसता और संस्कारों को सुदृढ़ करने के लिए केवल विचार पर्याप्त नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण और कर्म से योगदान देना होगा। समाज तभी सशक्त बनेगा जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी को समझेगा। उनका वक्तव्य हिंदू समाज में एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रबल करने वाला सिद्ध हुआ।
विराट हिंदू सम्मेलन में अखिल भारतीय सह-व्यवस्था प्रमुख श्री अनिल जी ओक ने कहा-  हिंदू संस्कृति की चिरंतन ने सामाजिक मूल्यों  का संरक्षण किया है।

लालकोठी योजना स्थित आंबेडकर पार्क में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन

जयपुर। लालकोठी योजना स्थित आंबेडकर पार्क में आज प्रातः 11 बजे से विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संयोजक श्री रामलाल कोली के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सम्मेलन के प्रमुख वक्ता श्री शुभकरण जी रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों तथा राष्ट्रभाव को सशक्त करने का संदेश दिया। उनके विचारों को उपस्थित जनसमूह ने गंभीरता और उत्साह के साथ सुना। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक क्षेत्र एवं खेलकूद के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में प्रोत्साहन एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ। आयोजन में उपस्थित लोगों को प्रसादी वितरित की गई तथा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ हुईं, जिससे पूरे परिसर में उत्सवपूर्ण वातावरण बना रहा। सम्मेलन की विशेष आकर्षण महिलाओं की सहभागिता रही। महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा के रूप में सम्मेलन स्थल पर प्रवेश किया। यह यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुँची, जिसने धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक बढ़ाया। आयोजन में कुल लगभग 850 लोग उपस्थित रहे, जिनमें 450 महिलाएँ एवं 400 पुरुष शामिल थे। मुख्य अतिथियों के रूप में श्री योजना कुमावत, संत पुरुषोत्तम दास जी एवं श्री लाडू राम जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने आयोजन की सराहना की।
लालकोठी योजना स्थित आंबेडकर पार्क में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन

सकल हिन्दू समाज की समरस उपस्थिति — पर्यावरण जागरण व नागरिक कर्तव्यों के प्रति संकल्प

गांधीनगर में सकल हिन्दू समाज द्वारा विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन हाईकोर्ट कॉलोनी स्थित मंदिर परिसर में हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही। सम्मेलन मातृशक्ति की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। जहां महिलाओं ने समूह गायन प्रस्तुत किया तो यहाँ बालकों के बड़े समूह ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। मुख्य वक्ता श्री बिरेन्द्र पाण्डेय ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि भारत एक चिरंतन सांस्कृतिक राष्ट्र है, जिसकी एकता राजनीति नहीं बल्कि संस्कृति से निर्मित है। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व-बोध और नागरिक कर्तव्यों को आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए कहा कि देश बचेगा तो समाज सुरक्षित रहेगा, और यदि देश मिटेगा तो कोई भी सुरक्षित नहीं होगा। इसीलिए राष्ट्र प्रथम को आगे बढ़ना है। उन्होंने भारतीय दर्शन की भावना “ईशावास्यमिदं सर्वम्” को स्मरण कराते हुए समाज को एकात्मता और दायित्वबोध के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। सम्मेलन की मुख्य अतिथि कैप्टन प्रियंका चौधरी ने अपने उद्बोधन में भारतीय संस्कृति से जुड़ने, जीवन में उसके मूल्यों को आत्मसात करने तथा युवा पीढ़ी को सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का आह्वान किया। आयोजन समिति की संयोजक श्रीमती लाक्षकी चौधरी ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जाति आधारित पहचान से ऊपर उठकर सकल हिंदू समाज के रूप में एकात्म बोध को सुदृढ़ करना है। साथ ही प्राचीन हिंदू समाज के वैश्विक सांस्कृतिक, सामाजिक, पर्यावरणीय एवं पारिवारिक जीवन मूल्यों को पुनः विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए समाज को एकजुट करना इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है। सम्मेलन का समापन समाज की एकता, पर्यावरण संरक्षण और जागरूक नागरिक बनने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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