छुआछूत को भूलकर हर हिन्दू को गले लगाएंगे तो होगा सभी समस्याओं का समाधान: प्रकाशदास महाराज
-रामपुरा डाबड़ी में विराट हिंदू सम्मेलन में दिया संस्कृति और राष्ट्र एकता का संदेश
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चंद्रशेखर
January 28, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
जयपुर। प्रकाशदास महाराज ने कहा कि देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने समाज से जाति-पाति और भेदभाव को त्यागकर सनातन मूल्यों के अनुरूप एक-दूसरे को अपनाने का आह्वान किया। “हम सब हिंदू—भाई-भाई” का संदेश देते हुए उन्होंने सामाजिक समरसता, प्रेम, सेवा और एकता को जीवन में उतारने पर जोर दिया। वे जिले के सांभरझील के समीप स्थित गांव रामपुरा डाबड़ी में 26 जनवरी को विराट हिंदू सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
प्रकाशदास महाराज ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र तभी सशक्त बनता है जब समाज जागरूक, संगठित और संस्कारवान हो। उन्होंने गौ-संरक्षण, नशामुक्ति, नैतिक मूल्यों की रक्षा और परिवार व्यवस्था को मजबूत करने जैसे विषयों पर सारगर्भित विचार रखे। साथ ही युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और सकारात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
सम्मेलन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भारत की प्राचीन संस्कृति, सनातन परंपराओं, राष्ट्रीय गौरव और पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए। प्रकाशदास महाराज ने अपने भजनों और प्रेरक गीतों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने राजस्थानी और हिंदी भाषा की लोकोक्तियों व उदाहरणों से समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने भजनों और राष्ट्रभक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया।
सम्मेलन का उद्देश्य समाज को जोड़ना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना और सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों—प्रेम, करुणा और एकता—को जन-जन तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।