महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में देव आवाहन का अभिनव एवं आध्यात्मिक नवाचार
॥श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम॥
By
चंद्रशेखर
February 10, 2026
समाचार › देश-विशेष
महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर इस वर्ष श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा एक अत्यंत भावपूर्ण एवं अनूठा सनातन नवाचार किया जा रहा है। इस नवाचार के अंतर्गत समस्त ब्रह्मांड की सनातन, सात्त्विक एवं शिव-अनुग्रही शक्तियों को विधिवत आमंत्रण पत्र के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ धाम में आमंत्रित किया गया है।
इस पावन आमंत्रण पत्र को धाम में विराजमान सभी देव विग्रहों के समक्ष सादर प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ ही महाशिवरात्रि महोत्सव हेतु एक विशेष मंत्र-श्लोक की रचना की गई है, जिसके माध्यम से देवताओं का आवाहन किया जा रहा है। उक्त मंत्र-श्लोक इस प्रकार है—
फाल्गुने कृष्णपक्षेस्मिन् शिवरात्रिमहोत्सवे ।
शिवशक्तिमयान् देवान् प्रणुमोऽनुग्रहेच्छया ।।
विश्वनाथस्य सेवायां शुभाशीराशिकांक्षया ।
आमन्त्रणे समायान्तु काशीधाम्नि समागमे ।।
इस श्लोक के भावार्थ के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की महाशिवरात्रि के इस महापर्व पर समस्त देवताओं, सात्त्विक शक्तियों एवं सनातन सत्ताओं को सादर प्रणाम करते हुए, श्री काशी विश्वनाथ के सेवक के रूप में उनके आशीर्वाद की कामना के साथ उन्हें काशी धाम के महाशिवरात्रि महोत्सव में ससम्मान आमंत्रित किया गया है।
इस नवाचार के अंतर्गत श्री काशी विश्वनाथ धाम में स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से इस आमंत्रण मंत्रोच्चार का नाद लगातार एक घंटे तक पूरे धाम परिसर में किया जाएगा। सनातन परंपरा में यह मान्यता है कि मंत्र एवं श्लोक के नाद से देवताओं एवं सात्त्विक शक्तियों का आवाहन होता है। इसी भाव से यह दिव्य नाद किया जा रहा है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, विश्वनाथ के सेवक के रूप में, समस्त न्यासकर्मियों एवं काशीवासियों की ओर से सभी देवताओं, सनातन एवं सात्त्विक शक्तियों को महाशिवरात्रि महोत्सव में पधारने तथा अपना आशीर्वाद प्रदान करने के लिए सादर आमंत्रित करता है।
मंदिर न्यास की यह कामना है कि भगवान श्री काशी विश्वनाथ की कृपा एवं समस्त देव शक्तियों के आशीर्वाद से यह महाशिवरात्रि पर्व भक्तों के लिए मंगलकारी, कल्याणकारी एवं आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण बने।