लॉ प्रोफेसर पर छात्राओं को इस्लाम अपनाने और कुरान पढ़ने के संदेश भेजने का आरोप; हंगामा
जांच पूरी होने तक कैंपस आने पर रोक, विश्वविद्यालय ने बनाई उच्चस्तरीय समिति; एबीवीपी ने प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग की
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वीएसके डेस्क
October 19, 2026
समाचार › देश-विशेष
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के एक प्रोफेसर पर छात्राओं को आपत्तिजनक संदेश भेजने और इस्लाम अपनाने के साथ कुरान पढ़ने के लिए कहने के आरोप लगे हैं। शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रोफेसर को जांच पूरी होने तक अवकाश पर भेज दिया है। मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
छात्रा ने पिता को दिखाए संदेश, फिर सामने आया मामला
मामला तब सामने आया, जब एक छात्रा ने अपने पिता को प्रोफेसर की ओर से भेजे गए संदेश दिखाए। इसके बाद छात्रा के पिता ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के सदस्यों से संपर्क किया। संगठन के सदस्यों ने मामला विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने उठाया और नागपुर के पुलिस आयुक्त से भी मुलाकात की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति गठित की है। समिति आरोपों की जांच करने के साथ मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में अपनी सिफारिश देगी। जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने तक संबंधित प्रोफेसर कैंपस में नहीं आएंगे।
एबीवीपी ने किया प्रदर्शन, स्वतंत्र जांच की मांग
मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने 17 अक्टूबर को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। संगठन ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा उचित कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी ने शिकायतकर्ता छात्रा की पहचान गोपनीय रखने, छात्रा और गवाहों पर किसी तरह का दबाव नहीं पड़ने देने तथा उन्हें प्रतिशोधात्मक कार्रवाई से बचाने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि जांच पूरी होने तक आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाने चाहिए और जांच की प्रगति की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
हैदराबाद में पिछले कार्यकाल की भी होगी जांच
विश्वविद्यालय की गठित समिति नागपुर के मामले के साथ प्रोफेसर के पूर्व कार्यस्थल सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, हैदराबाद में उनके कार्यकाल से जुड़े आरोपों की भी जांच करेगी। प्रशासन के अनुसार, शिकायतों की पड़ताल के बाद निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।