नारी-26 युवती सम्मेलन में 800 से अधिक छात्राओं ने लिया आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प
एबीवीपी के सम्मेलन में शिक्षा, आत्मरक्षा, स्वास्थ्य, नेतृत्व और महिला सशक्तीकरण पर हुई चर्चा
By
वीएसके डेस्क
October 06, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
झुंझुनूं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जिला झुंझुनूं की ओर से ‘नारी-26’ युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 800 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में शिक्षा, आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास, आत्मरक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका जैसे विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला युवा अधिकारी मधु यादव रहीं। एबीवीपी की प्रांत छात्रा प्रमुख अंजली चौरसिया की विशेष उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ लेखाधिकारी कलेक्ट्रेट प्रियंका लाम्बा, श्री चावो दादी विद्याकुंज की प्रिंसिपल डॉ. प्रीति शेखावत, जेबी शाह बालिका महाविद्यालय की प्राचार्य योगिता शर्मा और असिस्टेंट प्रोफेसर ममता जालान शामिल रहीं।
मधु यादव ने महिला सशक्तीकरण में युवतियों की भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने छात्राओं से अपनी क्षमताओं को पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
प्रियंका लाम्बा ने शिक्षा के साथ आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवतियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर सीखने तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. प्रीति शेखावत ने महिला स्वास्थ्य और मानसिक सुदृढ़ता पर चर्चा करते हुए छात्राओं को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक युवा शक्ति ही समाज के विकास में प्रभावी योगदान दे सकती है।
एबीवीपी की प्रांत छात्रा प्रमुख अंजली चौरसिया ने युवतियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की बराबर की भागीदारी और जिम्मेदारी है। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब महिलाएं शिक्षा, कौशल और नेतृत्व के स्तर पर स्वयं को सक्षम बनाएंगी।
उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य जैसे पांच परिवर्तनों को जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्राओं से उच्च शिक्षा हासिल करने, आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
योगिता शर्मा ने महिला शिक्षा और आत्मनिर्भरता को सशक्त समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि शिक्षा युवतियों को अवसरों की पहचान करने और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता प्रदान करती है। वहीं, ममता जालान ने शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता के समन्वय को महिला सशक्तीकरण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
सम्मेलन में सुश्री सुरभि पुरोहित ने एबीवीपी के ‘मिशन साहसी’ अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन दीप्ति काला ने किया। सम्मेलन में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्राएं और गणमान्यजन उपस्थित रहे।