महिला स्वास्थ्य रक्षा आज की गंभीर चुनौती, निरोगी जीवनशैली अपनाना समय की आवश्यकता : डॉ. रीता श्रीवास्तव
"महिला स्वास्थ्य रक्षा : एक गंभीर चुनौती" विषयक महिला संगोष्ठी
By
चंद्रशेखर
July 18, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
जयपुर, 17 जुलाई। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए, क्योंकि परिवार की केंद्रीय धुरी होने के कारण उनका स्वास्थ्य पूरे परिवार के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि को प्रभावित करता है। यह बात आरोग्य भारती की अखिल भारतीय महिला स्वास्थ्य कार्यप्रमुख डॉ. रीता श्रीवास्तव ने शुक्रवार को आरोग्य भारती जयपुर महानगर एवं महात्मा गांधी इंस्टिट्यूट ऑफ गवर्नेंस एंड सोशल साइंसेज़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "महिला स्वास्थ्य रक्षा : एक गंभीर चुनौती" विषयक महिला संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में कही।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए महंगे उपचारों की अपेक्षा भारतीय जीवनशैली, संतुलित आहार और रसोई में उपलब्ध प्राकृतिक मसालों का समुचित उपयोग अधिक प्रभावी है। महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा न करते हुए नियमित दिनचर्या और पौष्टिक भोजन को अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती उत्तर क्षेत्र व राजस्थान के क्षेत्र संयोजक एवं अखिल भारतीय आरोग्य मित्र योजना प्रमुख, प्रचारक श्री संजीवन कुमार ने विरुद्ध आहार के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए कहा कि असंगत खान-पान अनेक गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने मातृशक्ति से अपने परिवार में संतुलित एवं स्वास्थ्यवर्धक भोजन की संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जयपुर सांसद श्रीमती मंजू शर्मा ने कहा कि आज के समय में मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं को तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने तथा केंद्र सरकार द्वारा महिला स्वास्थ्य एवं महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
संगोष्ठी में जयपुर की बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा उपचार की अपेक्षा निरोगी एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना था। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।