अधिवक्ता परिषद के स्टडी सर्किल में समझाई साइबर अपराध से बचाव की बारीकियाँ
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वीएसके डेस्क
July 16, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
जयपुर। अधिवक्ता परिषद राजस्थान, जयपुर प्रांत एवं आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल (एएफटी) जयपुर बेंच इकाई के संयुक्त तत्वावधान में ‘साइबर अपराध एवं जागरूकता’ विषय पर एक विशेष स्टडी सर्किल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं एवं विधि विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) रानू शर्मा रहीं। उनके साथ पुलिस कमिश्नरेट स्थित कंप्यूटर सपोर्ट सेंटर (सीएससी) की विशेषज्ञ टीम ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। विशेषज्ञों ने फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, रैंसमवेयर, साइबर स्टॉकिंग सहित विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला।
अपने संबोधन में एडीसीपी रानू शर्मा ने कहा कि साइबर अपराध के अधिकांश पीड़ित सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक संकोच के कारण घटना को सार्वजनिक नहीं करते, जिससे उन्हें आर्थिक एवं मानसिक दोनों प्रकार की हानि उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि लोग अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें, ओटीपी और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा डिजिटल सतर्कता बनाए रखें, तो अधिकांश साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।
उन्होंने साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व पर बल देते हुए नागरिकों से 1930 साइबर हेल्पलाइन तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से तुरंत शिकायत दर्ज कराने का आग्रह किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद राजस्थान के प्रांत अध्यक्ष प्यारे लाल ने एडीसीपी रानू शर्मा का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में एएफटी जयपुर बेंच में इंटर्नशिप कर रहे विधि विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
प्रांत महामंत्री अभिषेक सिंह ने राजस्थान पुलिस की इस जन-जागरूकता पहल की सराहना करते हुए कहा कि अधिवक्ता समाज का मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी विभिन्न न्यायालयों में इस प्रकार के साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का विश्वास व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन साइबर सुरक्षा की शपथ एवं समाज में व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।