अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य पर एबीवीपी ने किया संगोष्ठी का आयोजन।
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वीएसके डेस्क
July 09, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (अभाविप) झुंझुनूं जिला द्वारा परिषद् के 78वें स्थापना दिवस एवं राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में "राष्ट्र प्रथम की भावना एवं विद्यार्थी जीवन" विषय पर एक गरिमामय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं युगप्रेरणा स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अनुज कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल शिक्षा अर्जित करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रसेवा के संस्कारों को आत्मसात करने का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल के भारत का निर्माता है, इसलिए प्रत्येक युवा को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज एवं देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्य वक्ता झुंझुनूं विभाग संगठन मंत्री बलवीर सैनी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की स्थापना 9 जुलाई 1949 को राष्ट्र के पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ हुई थी। विगत 78 वर्षों से परिषद् अपने ध्येय वाक्य "ज्ञान, शील और एकता" को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता, चरित्र निर्माण तथा नेतृत्व क्षमता के विकास का सतत कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभाविप आज केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त जनआंदोलन बन चुकी है। छात्रहित एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए परिषद् ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विश्वविद्यालयों में पारदर्शिता, छात्रावास एवं पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता, महिला सुरक्षा, कौशल विकास तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा जैसे विषयों पर निरंतर संघर्ष किया है। इसके साथ ही रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, आपदा राहत एवं सेवा कार्य, सामाजिक समरसता, जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, राष्ट्रीय एकता तथा सांस्कृतिक जागरण जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करते हुए परिषद् ने राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि अभाविप का उद्देश्य केवल छात्रसंघ चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी, संस्कारित, सक्षम एवं चरित्रवान नागरिक के रूप में विकसित करना है। परिषद् का प्रत्येक कार्यकर्ता "छात्र शक्ति – राष्ट्र शक्ति" के मंत्र को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण के महान अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान पीजी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सुमन जानू ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ें, अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करें तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। संगोष्ठी के समापन पर उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रहित एवं छात्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा अभाविप की राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जयपुर प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दिव्या शर्मा, जिला समिति सदस्य अभय सिंह, मुस्कान, मुकेश सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, शिक्षाविद् एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।