स्टारलिंक को लाइसेंस देने से पहले सुरक्षा चिंताओं का समाधान हो: स्वदेशी जागरण मंच
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वीएसके डेस्क
October 16, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
जयपुर, 16 अक्टूबर। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की अनुमति देने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी सवालों का समाधान किया जाना चाहिए। स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र सरकार से मांग की है कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही कंपनी को लाइसेंस देने पर आगे बढ़ा जाए।
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. अश्विनी महाजन ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलने तथा देश-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा मिलने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, दंगों या अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों में जरूरत पड़ने पर इंटरनेट सेवाओं को नियंत्रित करना या बंद करना प्रशासन के लिए आवश्यक हो सकता है।
सैटेलाइट इंटरनेट की निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
मंच के जयपुर प्रांत सह प्रचार प्रमुख एडवोकेट आयुष शर्मा ने स्टारलिंक की तकनीकी संरचना को लेकर निगरानी और नियामकीय चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उपग्रहों के बीच लेजर लिंक और विदेशी डिजिटल अवसंरचना से जुड़े संचार की संभावनाओं के कारण कानूनी निगरानी तथा आवश्यक कार्रवाई को लेकर स्पष्ट व्यवस्था होना जरूरी है।
उन्होंने जोर दिया कि भारत में सेवाएं देने वाली किसी भी विदेशी कंपनी को देश के कानूनों, सुरक्षा मानकों और नियामकीय प्रावधानों का पालन करना चाहिए। डिजिटल सुरक्षा और डेटा संप्रभुता से जुड़े पहलुओं को लाइसेंस देने से पहले स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
सुरक्षा संबंधी सवालों के जवाब मिलने तक लाइसेंस न देने की मांग
स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉ. राजीव कुमार ने भी मांग की कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान होने तक स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं दिया जाए। उन्होंने कंपनी के सार्वजनिक बयानों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर स्पष्ट जवाब मिलना जरूरी है।
तकनीक और राष्ट्रीय हित के बीच संतुलन जरूरी
एडवोकेट आयुष शर्मा ने कहा कि उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाएं दूरदराज के इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने में उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन तकनीकी विकास के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि स्टारलिंक को लाइसेंस देने से संबंधित निर्णय में राष्ट्रीय हित, डिजिटल सुरक्षा और देश की संप्रभुता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मंच का कहना है कि भारत में कारोबार करने वाली प्रत्येक कंपनी के लिए भारतीय कानूनों और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।