विविधता वास्तव में एकता का शृंगार और उत्सव है, न कि विभाजन का कारण – डॉ. मोहन भागवत
जैसलमेर की धरा पर ‘समरसता’ का शंखनाद; चादर महोत्सव में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के साथ संत जनों और सर्व समाज का महासंगम
जैसलमेर की धरा पर ‘समरसता’ का शंखनाद; चादर महोत्सव में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के साथ संत जनों और सर्व समाज का महासंगम
भरतपुर में प्रमुख जन गोष्ठी को किया संबोधित
॥श्री काशी विश्वनाथो विजयतेतराम॥
जयपुर में 88 विराट हिंदू सम्मेलनों का सफल आयोजन, सामाजिक समरसता व पर्यावरण संरक्षण पर बल
-रामपुरा डाबड़ी में विराट हिंदू सम्मेलन में दिया संस्कृति और राष्ट्र एकता का संदेश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर राजस्थान भर में किये ध्वजारोहण
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के अंतिम दिन जे. नंदकुमार द्वारा लिखित नेशनल सेल्फहुड इन साइंस नामक पुस्तक पर परिचर्चा
तीन दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला में राजस्थान के नवीन दायित्वों की घोषणा
नारी और पुरुष भारतीय दृष्टि में परस्पर पूरक हैं, और यही चिंतन भारतीय समाज की आधारशिला है: डॉ.कृष्णगोपाल
आत्मकेंद्रित विकास मॉडल व्यक्ति को समाज से अलग करता है, जिससे मानसिक तनाव और सामाजिक विघटन बढ़ता है।