देश के संविधान में वर्णित नागरिक कर्तव्यों पर चलने वाले स्वअनुशासित नागरिक खड़े होने चाहिए: निम्बाराम
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न अधिकारियों ने गणतंत्र दिवस पर राजस्थान भर में किये ध्वजारोहण
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चंद्रशेखर
January 27, 2026
समाचार
संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जयपुर में फहराया राष्ट्रीय ध्वज
जयपुर, 26 जनवरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार ने 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जयपुर स्थित सोहन सिंह स्मृति कौशल विकास केंद्र में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर और प्रदीप जोशी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित गणमान्यजनों को संबोधित करते हुए दक्षिण-मध्य (कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना) क्षेत्र के प्रचार प्रमुख आयुष नदीमपल्ली ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने भारत के मूल विचारों के आलोक में संविधान की रचना की। दीर्घ एवं गहन चिंतन के परिणामस्वरूप भारतीय संविधान ने अपना वर्तमान स्वरूप प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि संप्रभुता, गणतंत्र तथा लोकतांत्रिक जैसे शब्द भारत की प्राचीन चिंतन परंपरा से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत में ग्राम सभा की व्यवस्था विद्यमान थी, जो गणराज्य की भावना का ही एक सशक्त रूप थी। संविधान निर्माण के दौरान भारतीय वाङ्मय से प्रेरणा ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी सुदृढ़ होती है जब समाज अपनी जिम्मेदारी स्वयं लेता है। वहीं संप्रभुता तभी सुरक्षित रहती है जब समाज में आत्मबोध हो और औपनिवेशिक मानसिकता से बाहर निकलकर स्व के आधार पर व्यवस्थाओं का विकास किया जाए। उन्होंने इसके उदाहरण स्वरूप आईपीसी से भारतीय न्याय संहिता की ओर हुए परिवर्तन का उल्लेख किया। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने के कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता करते हैं। संघ राष्ट्रभक्ति का संस्कार देता है और स्वयंसेवक राष्ट्रीय ध्वज का पूर्ण सम्मान करते हैं।
इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष महेन्द्र खुराना ने सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समता, स्वतंत्रता व बंधुत्व रहे: निंबाराम
बांसवाडा। 77वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में नगर में स्थित मधुकर स्मृति भवन संघ कार्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया गया। इस उपलक्ष पर मुख्य अतिथि रामद्वारा के सन्त रामप्रकाश जी महाराज और मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक श्री निम्बाराम जी उपस्थित रहें।
मुख्य वक्ता श्री निम्बाराम ने संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर के द्वारा संविधान की पृष्ठभूमि को सभी के सामने रखते हुए बताया कि समता, स्वतंत्रता व बंधुत्व के महत्व को रखा।
उन्होंने बताया कि देश संविधान से चलता है और देश के नागरिक होने के कारण अधिकारों को लेकर समाज मे चर्चा होती है। लेकिन आज समाज के बीच संविधान में बताएं कर्तव्यों पर चर्चा नही होती, उन्होंने नागरिक कर्तव्य की आवश्यकता को सभी के सामने रखा।
नागरिक कर्तव्य के अंतर्गत देश के प्रतीक चिन्हों का सम्मान, तिरंगे का सम्मान, स्वभाषा पर गर्व, देश पर गौरव करने वाले और स्वानुशासन से चलने वाले नागरिक खड़े होने चाहिए।
स्वतन्त्रता के आंदोलनों में संघ के स्वयंसेवको की भूमिका पर बोलते हुए बताया 26 जनवरी 1930 में पूर्ण स्वतंत्रता के प्रस्ताव के उपलक्ष में उस समय की सभी शाखाओं पर कार्यक्रम किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहर के प्रबुद्धजन उपस्थित रहें।
गणतंत्र दिवस हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और विविधता में एकता का प्रतीक है: दुर्गादास
भरतपुर|26 जनवरी| आज 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय घुमंतू कार्य प्रमुख आदरणीय श्री दुर्गादास जी ने समिधा भवन,जवाहर नगर भरतपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
इस अवसर पर भरतपुर नगर के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भारतीय अभ्युत्थान समिति कार्यालय भारती भवन जयपुर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम किया गया।
समिति के सदस्य सुदामा जी ने बताया कि ध्वजारोहण समिति के सचिव अशोक जी जैन द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अरुण जी जैन,अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख, रा. स्व. संघ, वरिष्ठ प्रचारक रामप्रसाद जी, धर्म जागरण विभाग के संगठन मंत्री सत्यम जी राव सहित अनेक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं सुरक्षाकर्मी उपस्थित थे।