एक पेड़ पूर्वजों के नाम से शुरू होगा ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’, 5 लाख परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य
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वीएसके डेस्क
October 01, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
जयपुर। शहर की हरियाली, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक विरासत को जनभागीदारी से मजबूत करने के उद्देश्य से ‘आपणो जयपुर-हरित संगम’ अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर से होगी। अभियान का शुभारंभ जवाहर सर्किल स्थित पत्रिका गेट पर ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ पौधारोपण के साथ किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी होंगी। सांसद मंजू शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी, जबकि महापौर सुनील कोठारी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे।
फिक्की फ्लो की महिला अध्यक्ष नीता बूचरा ने बताया कि अभियान के तहत उन पूर्वजों की स्मृति को सम्मान दिया जाएगा, जिन्होंने जयपुर की पहचान को संस्कृति, परंपरा, सामाजिक सौहार्द और जीवन मूल्यों से समृद्ध किया। उनके अनुसार, यह पहल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि अगले दस वर्षों तक चलने वाली सामाजिक सहभागिता की शुरुआत है।
छोटे प्रयासों से तैयार हुआ बड़ा नेटवर्क
अभियान की नींव शहर के लोगों के छोटे-छोटे सामाजिक प्रयासों से तैयार हुई है। किसी परिवार ने पौधारोपण किया तो किसी ने घर में कचरे का पृथक्करण शुरू किया। कई लोगों ने अपने मोहल्लों की सफाई, मंदिरों, श्मशान स्थलों और सामुदायिक केंद्रों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी उठाई।
इन प्रयासों को एक मंच पर लाने के बाद करीब 1000 समूह तैयार किए गए हैं। प्रत्येक समूह में लगभग 15 से 20 घर जुड़े हैं। अब इन्हीं समूहों के माध्यम से अभियान को शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की योजना है।
तीन महीने में 50 हजार घर सीधे जोड़ने की तैयारी
समाजसेवी एवं पर्यावरणविद् अशोक मित्तल ने बताया कि अभियान के शुरुआती तीन महीनों में कम से कम 50 हजार घरों को सीधे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। जनजागरण गतिविधियों के माध्यम से करीब 5 लाख परिवारों तक पहुंचने की योजना है। इसके लिए महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और विद्यार्थियों की अलग-अलग टीमें बनाई जा रही हैं।
अभियान में घरों से निकलने वाले कचरे को कम करने और जैविक कचरे के बेहतर उपयोग पर भी जोर रहेगा। कार्यक्रम समन्वयक अशोक दाधीच के अनुसार, पहले चरण में 1000 समूहों से जुड़ी महिलाओं को गीले कचरे से खाद तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद प्रशिक्षित महिलाएं अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य परिवारों को भी इसकी जानकारी देंगी।
अभियान के तहत प्रत्येक घर को कम से कम तीन पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। दीर्घकालीन लक्ष्य घरों से निकलने वाले जैविक कचरे को कचरा परिवहन व्यवस्था में भेजने के बजाय स्थानीय स्तर पर खाद और अन्य उपयोगी संसाधनों में बदलना है।
लोकगीतों के जरिए जीवंत होगी जयपुर की लोकसंस्कृति
समरस भारत के सचिव धनंजय सिंह ने बताया कि अभियान में पर्यावरण के साथ जयपुर की लोकसंस्कृति को भी प्रमुखता दी जाएगी। तेजी से कम हो रहे पारंपरिक लोकगीतों को फिर से सामाजिक आयोजनों का हिस्सा बनाने के प्रयास होंगे।
तीज, गणगौर, नवरात्र, गरबा और होली सहित विभिन्न अवसरों पर महिलाओं की टोलियों के माध्यम से पारंपरिक गीतों को बढ़ावा दिया जाएगा। नई पीढ़ी को इन गीतों से जोड़ने के लिए उन्हें सिखाने की पहल भी की जाएगी।
इसके साथ मंदिरों, श्मशान स्थलों और सामुदायिक केंद्रों के संरक्षण के लिए स्थानीय समूह बनाए जाएंगे। जरूरत के अनुसार श्रमदान और सामाजिक सहयोग से इन स्थानों के विकास एवं संरक्षण के कार्य किए जाएंगे। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में भी सामाजिक सहभागिता से सुविधाएं बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा।
खेल, योग और ‘मोबाइल फास्टिंग’ भी अभियान का हिस्सा
हरित संगम में बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना है। योग और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
अभियान में ‘मोबाइल फास्टिंग’ की अवधारणा भी शामिल की गई है। इसके तहत कुछ समय के लिए मोबाइल से दूरी बनाकर परिवार के साथ संवाद बढ़ाने, बच्चों के साथ समय बिताने और आत्मचिंतन के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
बच्चों को दी जाएगी अहम जिम्मेदारी
स्कूली विद्यार्थियों को अभियान की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा। स्कूलों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि इन विषयों को बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सके।
प्लास्टिक, नशे और भिक्षावृत्ति के खिलाफ जागरूकता
अभियान में प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना बढ़ाने के साथ भिक्षावृत्ति के मुद्दे पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार प्रशासन का सहयोग लेकर गतिविधियां संचालित करने की योजना है।
महिलाओं में सुरक्षा और सामाजिक सहभागिता की भावना मजबूत करने के लिए भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
एक पौधा बनेगा दस साल के संकल्प का प्रतीक
2 अक्टूबर को पत्रिका गेट पर लगाया जाने वाला पौधा अभियान के लिए प्रतीकात्मक शुरुआत होगा। ‘एक पेड़ पूर्वजों के नाम’ की अवधारणा के जरिए पूर्वजों से मिली विरासत को याद करते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए शहर को बेहतर बनाने का संदेश दिया जाएगा।
अभियान का दीर्घकालीन उद्देश्य जयपुर को हरित और स्वच्छ बनाने के साथ नागरिक जीवन में जिम्मेदारी, सामाजिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना है। आयोजकों के अनुसार, अगले दस वर्षों में अलग-अलग गतिविधियों के जरिए इस सोच को शहर के ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।