दीनदयाल मेले में दिखी स्वदेशी और संस्कृति की झलक, किसान चौपाल में कृषि की नई तकनीकों पर हुआ मंथन
कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर ने धानक्या गांव को गोद लेने और स्वदेशी शोध पीठ स्थापित करने की घोषणा
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डॉ. ईश्वर बैरागी
September 24, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
जयपुर, 24 सितंबर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति समारोह समिति, जयपुर की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत बुधवार को राष्ट्रीय स्मारक धानक्या में दीनदयाल मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। मेले का उद्घाटन राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने किया।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन और चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान, स्वावलंबन और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देता है। धानक्या की पावन भूमि पर आयोजित दीनदयाल मेला उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ भारतीय संस्कृति, स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करने का माध्यम है।
मेले में भारतीय ज्ञान परंपरा, राजस्थान की कला एवं संस्कृति, हस्तशिल्प, स्वदेशी उत्पादों, पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं।
खेलकूद प्रतियोगिताओं का हुआ उद्घाटन
दीनदयाल मेले के अंतर्गत वॉलीबॉल एवं कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। खेलकूद प्रतियोगिताओं का उद्घाटन समिति अध्यक्ष प्रो. मोहन लाल छीपा, सचिव प्रतापभानू सिंह शेखावत एवं गांव के वरिष्ठजनों ने किया। प्रतियोगिता में धानक्या गांव के साथ-साथ अन्य कई गांवों की टीमों ने हिस्सा लिया। कबड्डी में महिला एवं पुरुष टीमों ने भाग लिया।
इस दौरान समिति अध्यक्ष प्रो. मोहन लाल छीपा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उन्हें खेल भावना, अनुशासन एवं टीम भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर ने आयोजित की किसान चौपाल
दीनदयाल मेले की श्रृंखला में कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर की ओर से गुरुवार को राष्ट्रीय स्मारक धानक्या में किसान चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल में पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया, श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र सिंह चौहान, समिति अध्यक्ष प्रो. मोहन लाल छीपा एवं भागीरथ चौधरी मंचासीन रहे।
पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया ने किसानों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों के साथ परंपरागत एवं जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कृषि विश्वविद्यालय की ओर से किसानों के लिए किए जा रहे शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार कार्यों की जानकारी दी तथा कृषि को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर ने धानक्या गांव को गोद लेने और विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वदेशी शोध पीठ की स्थापना की घोषणा की।
प्रो. मोहन लाल छीपा ने कहा कि दीनदयाल जी की अर्थनीति के केंद्र में किसान थे। दीनदयाल जी ने ‘अदेवमातरीका कृषि’ शब्द दिया था। उन्होंने कहा था कि कृषि ऐसी हो कि इंद्रदेव की कृपा पर निर्भर न हो। दीनदयाल जी ने वाटर मैनेजमेंट की बात की थी।
भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद महात्मा गांधी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, चौधरी चरण सिंह और दत्तोपंत ठेंगड़ी ही थे, जिन्होंने गांव, किसान, देहात और कृषि की बात की।
किसान चौपाल में किसानों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इस दौरान कृषि की नवीन तकनीकों, वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों तथा किसान हित से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम, समिति उपाध्यक्ष गजेंद्र ज्ञानपुरिया, नीरज कुमावत, कोषाध्यक्ष विजेंद्र सोनी एवं राकेश रावत मौजूद रहे। संचालन पंकज मीणा ने किया तथा समिति सचिव प्रतापभानू सिंह शेखावत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
शुक्रवार को होगा दीनदयाल उपाध्याय जयंती समारोह
दीनदयाल मेले का आयोजन 23 से 25 सितंबर तक राष्ट्रीय स्मारक धानक्या में किया जा रहा है। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षिक, सामाजिक, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर समारोह एवं स्मृति व्याख्यान होगा। इसमें मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, विशिष्ट अतिथि जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ओ.पी. अग्रवाल तथा अध्यक्षता इनसोलेन एनर्जी लिमिटेड के अध्यक्ष मनीष गुप्ता करेंगे।
इस अवसर पर वर्ष 2026 में राजस्थान से पद्मश्री से सम्मानित बंधुओं का सम्मान किया जाएगा। साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय पर पीएचडी करने वाले शोधार्थियों तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
समिति ने नागरिकों से दीनदयाल मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता करने का आह्वान किया।