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ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का संगम: 9 अक्टूबर से हमीरपुर में शिक्षा महाकुंभ 6.0

तीन दिन के आयोजन में आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और सुरक्षित भारत पर होगा विमर्श; 16 विषयधाराओं में 367 शोधपत्र, 125 विद्यार्थी परियोजनाएं और 41 नवउद्यम होंगे आकर्षण

By वीएसके डेस्क October 06, 2026
समाचार › देश-विशेष
ज्ञान, विज्ञान और संस्कृति का संगम: 9 अक्टूबर से हमीरपुर में शिक्षा महाकुंभ 6.0
हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), हमीरपुर में 9 से 11 अक्टूबर तक शिक्षा महाकुंभ के छठे संस्करण का आयोजन होगा। इस वर्ष आयोजन की केंद्रीय विषय-वस्तु “शिक्षा, प्रकृति और प्रगति : विकास एवं प्रकृति के साथ सामंजस्य के लिए शिक्षा” रखी गई है। तीन दिवसीय आयोजन में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण, शोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विमर्श होगा। आयोजन के माध्यम से शिक्षा और विकास के बीच प्रकृति के संतुलन पर चर्चा होगी। इसमें विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के साथ पर्यावरणीय चेतना, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने पर विचार किया जाएगा।

तीन दिन, तीन व्यापक विषय

शिक्षा महाकुंभ के पहले दिन “आध्यात्मिक भारत, विकसित भारत” विषय पर विमर्श होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया होंगे। दूसरे दिन “विज्ञानमय भारत, विकसित भारत” विषय केंद्र में रहेगा। इसमें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि होंगे। तीसरे दिन “सुरक्षित भारत, विकसित भारत” विषय पर चर्चा होगी। समापन सत्र के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्टन अनुराग सिंह ठाकुर होंगे। आयोजन में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, स्पेशल ओलंपिक्स भारत की अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा, कांगड़ा के लोकसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय, इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक प्रो. के. जी. सुरेश, रामकृष्ण मिशन शिमला के सचिव स्वामी तन्मयानंद, साध्वी अमृता दीदी, समाजसेवक बनवीर, आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, समाजसेवक डॉ. इंद्रेश कुमार तथा त्रिपुरा सरकार की सचिव एवं आईएएस अधिकारी सोनल गोयल सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।

16 विषयधाराओं में होगा बहुविषयक विमर्श

शिक्षा महाकुंभ में विज्ञान, कृषि, भारतीय ज्ञान परंपरा, रक्षा, कला-संस्कृति, भाषाओं और विधि सहित 16 विषयधाराओं में विमर्श होगा। आयोजन में देशभर के शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों द्वारा 367 शोधपत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा शिक्षा नेतृत्व, वैज्ञानिकों, नवउद्यमियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों, शिक्षकों, मीडिया और रक्षा क्षेत्र से जुड़े 8 विषयगत सम्मेलन भी होंगे। विद्यार्थियों के नवाचार को मंच देने के लिए 125 विद्यार्थी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़े 41 नवउद्यम विशेष प्रदर्शनी में शामिल होंगे। विभिन्न प्रांतों से शिक्षा, विज्ञान, शोध, उद्यमिता और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े 350 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता रहेगी। विश्वविद्यालयों, संस्थानों और संगठनों की ओर से 60 प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी।

‘शोधांकुर’ और ‘तेजस’ पर विशेष फोकस

इस बार शिक्षा महाकुंभ में विद्यार्थियों को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। विद्यार्थियों में शोध-दृष्टि और सृजनात्मक चिंतन विकसित करने के उद्देश्य से ‘शोधांकुर’ छात्र शोध पत्रिका की पहल की गई है। इसमें विद्यार्थियों के 24 शोधपत्र एवं लेख प्राप्त हुए हैं। इसी तरह कक्षा तीसरी से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘तेजस’ ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें अंग्रेजी, गणित और भविष्य की प्रौद्योगिकी से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए विशेष अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकों की तैयारी की गई है, जिनका विमोचन आयोजन के दौरान किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ज्ञान ग्रहण करने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रश्नकर्ता, शोधकर्ता, चिंतक और सृजनकर्ता के रूप में विकसित करना है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे

तीन दिवसीय आयोजन में भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, कला और विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। शिक्षा, शोध और नवाचार के साथ भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा को विमर्श का हिस्सा बनाने पर भी जोर रहेगा।

जालंधर से शुरू हुई यात्रा अब हमीरपुर पहुंची

शिक्षा महाकुंभ की शुरुआत वर्ष 2023 में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर से हुई थी। इसके बाद दूसरा संस्करण एनआईटी कुरुक्षेत्र, तीसरा एनआईटी श्रीनगर, चौथा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और पांचवां संस्करण राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, मोहाली में आयोजित हुआ। छठे संस्करण के लिए अब एनआईटी हमीरपुर को चुना गया है। आयोजकों के अनुसार प्रत्येक संस्करण के साथ शिक्षा महाकुंभ में सहभागिता और विषय-विविधता बढ़ी है। इसका उद्देश्य शिक्षा, शोध, नवाचार, भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान, उद्यमिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न वर्गों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। शिक्षा महाकुंभ 6.0 को ऐसी शिक्षा के विमर्श के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विद्यार्थी को केवल जानकार बनाने के बजाय सक्षम, संवेदनशील, संस्कारवान, सृजनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाने की दिशा में काम करे।

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