जयपुर में बनेगा ‘एक्सप्लोसिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’, 48 घंटे में मिलेगी विस्फोटक जांच रिपोर्ट
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वीएसके डेस्क
October 06, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
जयपुर। राजस्थान में बम धमाकों और आग की गंभीर घटनाओं की जांच अब पहले के मुकाबले तेजी से हो सकेगी। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद जयपुर में नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) का ‘एक्सप्लोसिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने की तैयारी है। इस केंद्र के शुरू होने से विस्फोटक मामलों में वैज्ञानिक जांच और विशेषज्ञता एक ही जगह उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभी विस्फोट से जुड़े मामलों में घटनास्थल से जुटाए गए सैंपल की जांच के लिए कई बार उन्हें जयपुर से बाहर भेजना पड़ता है। इसके लिए दिल्ली, गुजरात या हैदराबाद स्थित प्रयोगशालाओं पर निर्भरता रहती है। सैंपल को बाहर भेजने और रिपोर्ट वापस आने में लगने वाला समय कई मामलों में जांच की गति को प्रभावित करता है। प्रस्तावित सेंटर इस प्रक्रिया को जयपुर में ही आसान बनाने की दिशा में काम करेगा।
48 घंटे में जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का लक्ष्य
नए सेंटर की सबसे अहम विशेषता एक्सप्लोसिव सैंपल की तेज जांच होगी। यहां जांच की सुविधा उपलब्ध होने के बाद सैंपल की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियों को घटनाओं की परिस्थितियों और विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्य जल्द मिल सकेंगे।
फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर मिलने से जांच अधिकारियों को घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और आगे की कार्रवाई तय करने में भी मदद मिलेगी।
कोचिंग हब कैंपस के दो टावरों में बनेगा केंद्र
जयपुर में प्रस्तावित सेंटर के लिए कोचिंग हब कैंपस के दो अतिरिक्त टावरों को चिन्हित किया गया है। इन्हीं स्थानों पर केंद्र से संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां विस्फोटक मामलों की जांच के साथ विशेषज्ञ प्रशिक्षण के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।
सुरक्षा बलों को भी मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
सेंटर को केवल जांच सुविधा के तौर पर विकसित करने की योजना नहीं है। यहां विस्फोटक मामलों से सीधे जुड़े सुरक्षा और जांच दस्तों के जवानों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। ATS, NSG, SDRF और BDDS के जवानों को एक्सप्लोसिव से जुड़े मामलों में जांच और घटनास्थल पर आवश्यक प्रक्रियाओं की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
इससे सुरक्षा बलों को विस्फोटक घटनाओं के बाद वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने और शुरुआती जांच को बेहतर ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
राजस्थान के लिए क्यों अहम है यह सेंटर?
राजस्थान की भौगोलिक और सामरिक स्थिति को देखते हुए जयपुर में इस तरह की विशेषज्ञ सुविधा का महत्व बढ़ जाता है। प्रदेश की पाकिस्तान से लगने वाली लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा के अलावा जयपुर एक प्रमुख प्रशासनिक, पर्यटन और व्यावसायिक केंद्र भी है।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए NFSU की ओर से जयपुर को एक्सप्लोसिव सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए उपयुक्त स्थान माना गया है। सेंटर शुरू होने के बाद राजस्थान में विस्फोटक मामलों की जांच के लिए बाहर की प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है|
जांच से लेकर ट्रेनिंग तक एक ही केंद्र
जयपुर में बनने वाला यह सेंटर विस्फोटक मामलों से संबंधित फोरेंसिक जांच और विशेषज्ञ प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में कदम है। खासतौर पर 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का लक्ष्य जांच एजेंसियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अब सेंटर के लिए जरूरी व्यवस्थाएं विकसित होने और इसके संचालन की प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई होनी है।