सुरेंद्रनगर के Club 71 जिम पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1,300 से ज्यादा फोटो-वीडियो मिले; ब्लैकमेलिंग के आरोपों की जांच
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने ग्राहक बनकर की जांच, जिम संचालक अमीन यासीन मुल्तानी गिरफ्तार; बरामद डिजिटल सामग्री फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई
By
वीएसके डेस्क
October 08, 2026
समाचार › देश-विशेष
सुरेंद्रनगर। गुजरात के सुरेंद्रनगर में Club 71 जिम को लेकर सामने आए गंभीर आरोपों ने पुलिस और प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। एक महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने जिम की गतिविधियों की जांच शुरू की और बाद में कार्रवाई करते हुए जिम संचालक अमीन यासीन मुल्तानी को गिरफ्तार किया। पुलिस की कार्रवाई में बड़ी संख्या में डिजिटल सामग्री बरामद होने की बात सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार, Club 71 की सुरेंद्रनगर में दुधरेज रोड और 80 फीट रोड पर शाखाएं संचालित थीं। शिकायत में जिम आने वाली महिलाओं और युवतियों के निजी फोटो-वीडियो के कथित दुरुपयोग, ब्लैकमेलिंग तथा दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
शिकायत के बाद ग्राहक बनकर पहुंची पुलिस
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक महिला ने जिला पुलिस प्रमुख प्रेमसुख डेलू को लिखित शिकायत देकर जिम में कथित अवैध गतिविधियों की जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस टीम ने पहले जिम की गतिविधियों की जानकारी जुटाई और रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर भी वहां पहुंचे।
इसके बाद की कार्रवाई में पुलिस ने जिम परिसर की तलाशी ली और कई डिजिटल एवं दस्तावेजी सामग्री जब्त की।
पेन ड्राइव में 1,300 से अधिक फोटो-वीडियो मिलने का दावा
पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान बरामद डिजिटल सामग्री में 1,300 से अधिक फोटो और वीडियो पाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाओं से संबंधित सामग्री होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन सामग्री की पूरी प्रकृति, स्रोत और उपयोग को लेकर जांच अभी जारी है।
पुलिस ने डिजिटल सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री वास्तविक है, उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है या उसका निर्माण/परिवर्तन डिजिटल तकनीक अथवा AI के माध्यम से किया गया है।
छिपे कैमरों की शिकायत, लेकिन तलाशी में नहीं मिला कैमरा
शिकायत में जिम के चेंजिंग रूम में कथित छिपे कैमरों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया गया था। हालांकि, पुलिस की शुरुआती तलाशी में कोई छिपा हुआ कैमरा मिलने की पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में इस आरोप की भी जांच की जा रही है कि बरामद फोटो-वीडियो किस तरीके से हासिल किए गए।
ब्लैकमेलिंग और जबरन संबंध बनाने के आरोप
मामले में महिलाओं को निजी फोटो-वीडियो के जरिए कथित रूप से ब्लैकमेल करने और संबंध बनाने के लिए दबाव डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर होना बाकी है।
पुलिस ने जांच के दौरान पेन ड्राइव के अलावा ब्लैंक चेक, अकाउंट डायरी और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इन सामानों के आधार पर कथित आर्थिक गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
‘लव जिहाद’ एंगल पर क्या सामने आया?
इस मामले के सामने आने के बाद कुछ संगठनों और मीडिया रिपोर्टों में इसे ‘जिम जिहाद’ या ‘लव जिहाद’ से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोप यह लगाया जा रहा है कि हिंदू महिलाओं को संबंधों के जरिए निशाना बनाया गया और बाद में निजी सामग्री के माध्यम से दबाव या ब्लैकमेल किया गया।
लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक पुलिस की जांच से ‘लव जिहाद’ को एक स्थापित कानूनी निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र ब्लैकमेलिंग, निजी फोटो-वीडियो, डिजिटल साक्ष्य और उनसे जुड़े आरोप हैं। बरामद सामग्री की फॉरेंसिक जांच तथा आगे की जांच से ही इस मामले के अन्य पहलुओं पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
आगे की जांच से खुलेगा पूरा मामला
अमीन यासीन मुल्तानी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस डिजिटल उपकरणों, दस्तावेजों और बरामद सामग्री की जांच कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, अदालत ने उसे पुलिस रिमांड पर भी भेजा है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट होगी। इसी से यह स्पष्ट होगा कि बरामद फोटो-वीडियो कहां से आए, उन्हें किसने बनाया या संग्रहित किया और क्या उनका इस्तेमाल वास्तव में ब्लैकमेलिंग के लिए किया गया था।