संस्कृत भारती के आवासीय भाषा बोधन वर्ग का समापन समारोह सम्पन्न
विद्यार्थियों ने सीखा संस्कृत में सहज संभाषण
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चंद्रशेखर
June 11, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
11 जून, जयपुर। संस्कृत भारती, जयपुर महानगर द्वारा उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर, जनता कॉलोनी, आदर्श नगर में आयोजित पाँच दिवसीय आवासीय भाषा बोधन वर्ग का समापन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों ने संस्कृत में सहज एवं व्यवहारिक संभाषण का प्रदर्शन कर अपनी भाषिक दक्षता का परिचय दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ आर.ए.एस. अधिकारी गोवर्धन लाल शर्मा ने अपने उद्बोधन में संस्कृत शास्त्रों में निहित वैज्ञानिक तथ्यों, ज्ञान-परम्परा एवं शोध-संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संस्कृत अध्ययन के प्रति प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि रवि नैय्यर ने कहा कि संस्कृत हमारी मूल भाषा तथा भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता डॉ. कानाराम जाट ने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीनतम एवं सर्वाधिक समृद्ध भाषाओं में से एक है। वर्तमान समय में इसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि संस्कृत के प्रचार-प्रसार का सबसे प्रभावी माध्यम संस्कृत संभाषण है, अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में संस्कृत के प्रयोग का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नित्य संस्कृत संभाषण की प्रेरणा प्रदान करते हुए संस्कृत भारती द्वारा संचालित आगामी स्तरों के वर्गों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्कृत भारती जयपुर महानगर के अध्यक्ष कमलकिशोर चोटिया ने वर्ग की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों, प्रबंधकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
वर्ग संयोजक मनीष शर्मा ने बताया कि इस आवासीय वर्ग में जयपुर महानगर के 40 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। उनके मार्गदर्शन एवं व्यवस्थाओं के लिए 8 दक्ष संभाषणशील शिक्षक तथा 10 प्रबंधक निरन्तर सक्रिय रहे। वर्ग की विशेषता यह रही कि प्रातः जागरण से लेकर रात्रि शयन तक प्रार्थना, भजन, क्रीड़ा, पठन-पाठन एवं अन्य सभी गतिविधियाँ पूर्णतः संस्कृत भाषा में सम्पन्न कराई गईं, जिससे विद्यार्थियों को संस्कृत का व्यवहारिक वातावरण प्राप्त हुआ।
वर्ग के सफल संचालन में संस्कृत भारती के प्रान्त संगठन मंत्री विमलकुमार, महानगर मंत्री मनोज शर्मा, भाग मंत्री विष्णु वर्मा, महेश जोशी ,देवी प्रसाद, संजय तथा अन्य समर्पित कार्यकर्ताओं ने अहर्निश सेवाएँ प्रदान कीं।