संघ शताब्दी वर्ष पर युवा खेल महोत्सव, खेलों से राष्ट्रभाव और अनुशासन का संदेश
By
चंद्रशेखर
July 23, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
मलसीसर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित युवा खेल महोत्सव में युवाओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न पारंपरिक एवं शारीरिक प्रतियोगिताओं में भाग लिया। राजकीय खेल स्टेडियम में आयोजित महोत्सव में वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि की भावना, अनुशासन, टीम भावना और नागरिक कर्तव्यों के संस्कार विकसित करने का प्रभावी माध्यम भी हैं।
खेल समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक भगत सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि आज के युवाओं के लिए राष्ट्र सर्वोपरि का भाव जीवन का परम कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ अपने शताब्दी वर्ष में समाज जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन—कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्व का बोध, पर्यावरण संरक्षण तथा नागरिक कर्तव्य—के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशसेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीरबल सिंह महला तथा अध्यक्ष सेवागिरी महाराज ने भी युवाओं से नियमित खेल गतिविधियों से जुड़ने और स्वस्थ, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ जीवन शैली अपनाने का आह्वान किया।
खंड कार्यवाह गणेश शर्मा ने बताया कि महोत्सव में लंबी दौड़, कबड्डी, रिंग गोल, मंडल खो, रस्साकसी और गेंद मार जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। विजेता खिलाड़ियों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विभाग प्रचारक मुकेश कुमार, जिला महाविद्यालय विद्यार्थी प्रमुख निर्मल कालेर, जिला सह संपर्क प्रमुख कपिल कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, खिलाड़ी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।