जनगणना-2027 में 40 बिंदुओं पर जुटाई जाएगी जानकारी
धर्म से लेकर आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट तक होंगे सवाल
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वीएसके डेस्क
August 19, 2026
समाचार › देश-विशेष
व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारी से होगी शुरुआत
हाउसहोल्ड शेड्यूल में सबसे पहले व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्म तिथि एवं आयु, वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु और पति या पत्नी का नाम पूछा जाएगा। इसके साथ व्यक्ति की घोषित राष्ट्रीयता, धर्म तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/जाति से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
जनगणना में पिता और माता से संबंधित विवरण तथा दिव्यांगता की जानकारी भी शामिल होगी। इसके अलावा व्यक्ति की मातृभाषा और अन्य ज्ञात भाषाओं के बारे में भी जानकारी ली जाएगी।
शिक्षा और डिजिटल साक्षरता पर भी विशेष फोकस
जनगणना-2027 में शिक्षा की स्थिति को भी विस्तार से दर्ज किया जाएगा। इसमें व्यक्ति की साक्षरता और डिजिटल साक्षरता, किसी शैक्षणिक संस्थान में वर्तमान में उपस्थिति, प्राप्त उच्चतम शैक्षणिक स्तर तथा उसके स्ट्रीम/विषय की जानकारी शामिल है।
इससे देश में शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल तकनीक तक लोगों की पहुंच और डिजिटल साक्षरता की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलेगी।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का भी होगा सर्वेक्षण
हाउसहोल्ड शेड्यूल में रोजगार से जुड़े कई सवाल रखे गए हैं। व्यक्ति ने पिछले एक वर्ष के दौरान कभी काम किया या नहीं, उसकी आर्थिक गतिविधि की श्रेणी, व्यवसाय/पेशा, उद्योग-व्यापार या सेवा का स्वरूप और श्रमिक की श्रेणी जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी।
मार्जिनल, सेमी-मार्जिनल और गैर-कामगार लोगों के लिए उनकी गैर-आर्थिक गतिविधि तथा वे काम की तलाश में हैं या काम के लिए उपलब्ध हैं, यह भी पूछा जाएगा। साथ ही कार्यस्थल तक आने-जाने से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी।
प्रवासन और स्थायी निवास का भी पूरा ब्यौरा
जनगणना में देश में होने वाले आंतरिक प्रवासन की स्थिति समझने के लिए व्यक्ति का जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, प्रवासन का कारण और अंतिम प्रवासन के बाद वर्तमान गांव/शहर में रहने की अवधि दर्ज की जाएगी। इन आंकड़ों से देश में जनसंख्या के स्थानांतरण और प्रवासन के प्रमुख कारणों को समझने में सहायता मिलेगी।
महिलाओं और बच्चों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े
वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और अलग रह रही महिलाओं से संबंधित प्रजनन आंकड़े भी जुटाए जाएंगे। इनमें वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या, अब तक जीवित जन्मे बच्चों की संख्या तथा वर्तमान में विवाहित महिलाओं के लिए पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या शामिल है।
इससे देश की जनसंख्या संरचना और प्रजनन संबंधी आंकड़ों को समझने के लिए महत्वपूर्ण आधार उपलब्ध होगा।
कोविड टीकाकरण और वित्तीय समावेशन की जानकारी
हाउसहोल्ड शेड्यूल में कोविड-19 टीकाकरण के स्थान से संबंधित जानकारी भी शामिल की गई है। इसके साथ वित्तीय समावेशन की स्थिति जानने के लिए व्यक्ति के कुल बैंक खातों की संख्या पूछी जाएगी।
तकनीकी और पहचान संबंधी जानकारी के तहत मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो), आधार नंबर (यदि उपलब्ध हो), वोटर आईडी नंबर (यदि उपलब्ध हो), भारतीय पासपोर्ट धारक होने की स्थिति में पासपोर्ट नंबर तथा ड्राइविंग लाइसेंस की उपलब्धता से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
नीतियों और योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होंगे आंकड़े
जनगणना-2027 के लिए तैयार किए गए ये 40 बिंदु देश की जनसंख्या का केवल आंकड़ा जुटाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक संरचना, शिक्षा, रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, प्रवासन, मातृभाषा, दिव्यांगता, प्रजनन, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न पहलुओं की व्यापक तस्वीर सामने लाने का प्रयास हैं।
इनसे प्राप्त आंकड़े भविष्य में सरकार द्वारा नीतियां बनाने, कल्याणकारी योजनाओं की दिशा तय करने, संसाधनों के बेहतर वितरण और विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रम तैयार करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान कर सकते हैं।