Breaking News
VSK Foundation Jaipur Logo - विश्व संवाद केंद्र जयपुर
विश्व संवाद केंद्र, जयपुर ( VSK Foundation Jaipur )

तुलसी जयंती पर साहित्यकारों ने याद किया तुलसीदास का लोकमंगल और समरसता का संदेश

कवि तुलसीदास के राम जन-जन के आराध्य राम हैं -शास्त्री कौशलेंद्र दास

By वीएसके डेस्क August 27, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
तुलसी जयंती पर साहित्यकारों ने याद किया तुलसीदास का लोकमंगल और समरसता का संदेश
जयपुर। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् जयपुर की ओर से बुधवार को पाथेय कण भवन में तुलसी जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जयपुर के साहित्यकार, शिक्षाविद्, चिंतक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के साहित्य, भक्ति परंपरा और भारतीय समाज के प्रति उनके लोकमंगलकारी दृष्टिकोण पर विचार रखे। परिषद् के प्रदेश संयुक्त महामंत्री डॉ. ओम प्रकाश भार्गव ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारतीय जनमानस में श्रीराम की उपस्थिति जीवन से मृत्यु तक है। कवि तुलसीदास ने प्रभु श्रीराम के विराट व्यक्तित्व को अपने काव्य की एकमात्र विषय-वस्तु बनाया। वर्तमान समय में परिवार विघटन जैसी विकट समस्या को देखते हुए तुलसीदास का काव्य कुटुंब प्रबोधन, समरस समाज, सेवा, समर्पण, त्याग तथा उचित आचरण के लिए प्रेरणा देता है। प्रो. सत्यनारायण शर्मा ने कवि तुलसीदास के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर विचार व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति का रक्षक बताया। उन्होंने तुलसीदास के जीवन और साहित्य से जुड़े विभिन्न दृष्टांत भी प्रस्तुत किए। विशिष्ट वक्ता परिषद् की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं साहित्य परिक्रमा के संपादक डॉ. इन्दु शेखर तत्पुरुष ने कहा कि कवि तुलसीदास ने एक कवि और भक्त के रूप में जो श्रेष्ठ प्रतिमान गढ़े, वे आज भी हमारे लिए आदर्श हैं। उन्होंने भारतीय एकता की विराट चेतना को समन्वय भाव के साथ अपने काव्य में अभिव्यक्त किया। राम राज्य की परिकल्पना को सच्चे अर्थों में सबसे पहले उन्होंने ही स्वर दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जगतगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष शास्त्री कौशलेंद्र दास ने भक्ति साहित्य और रामभक्त परंपरा पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने तुलसीदास की गुरु परंपरा और काव्य महात्म्य को रेखांकित करते हुए कहा कि तुलसीदास की भक्ति में विनम्रता और काव्य में लोकमंगल की भावना उन्हें संसार के श्रेष्ठ कवियों में शामिल करती है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास के राम जन-जन के आराध्य राम हैं। उनके राम में जाति, संप्रदाय और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। इस दृष्टि से तुलसीदास सही अर्थों में संपूर्ण समाज और मानवता के कवि हैं। कार्यक्रम में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. नंद किशोर पाण्डेय, डॉ. मधु मुकुल चतुर्वेदी, इंद्र कुमार भंसाली, डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह, श्रीमती सौभाग्य कंवर, कुसुम शर्मा 'अदिति', परिषद् के प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉ. केशव शर्मा उपस्थित रहे।

Related Articles

विभाजन की त्रासदी से वर्तमान चुनौतियों तक का स्मरण जरूरी: बाबूलाल

‘और देश बंट गया’ नाटिका ने जगाई विभाजन की पीड़ा, संगोष्ठी में अखंड भारत, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र प्रथम की भावना पर हुआ मंथन

Aug 14, 2026

भारतीय दृष्टि और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग

उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, कौशल विकास और शिक्षक के सामाजिक दायित्व पर हुआ मंथन

Aug 10, 2026

वनांचल क्षेत्रों में लगेंगे 30 निःशुल्क मेडिकल कैंप

19-20 सितंबर को उदयपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ व डूंगरपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में चलेगा सेवा अभियान

Aug 10, 2026