वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस 2026: मुंबई में 18 से 20 दिसंबर तक होगा वैश्विक महासम्मेलन
‘समानं व्रतं सह चित्तम्’ होगा सम्मेलन का केंद्रीय विषय; पिरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पिरामल अध्यक्ष नियुक्त
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वीएसके डेस्क
August 16, 2026
समाचार › देश-विशेष
जयपुर, 16 अगस्त। विश्व हिंदू समुदाय के प्रमुख वैश्विक मंच वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस (WHC) 2026 का आयोजन 18 से 20 दिसंबर तक मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा। सम्मेलन का केंद्रीय विषय ‘समानं व्रतं सह चित्तम्’ है, जिसका भावार्थ साझा संकल्प और सामूहिक दृढ़ता है। सम्मेलन में भारत सहित दुनिया के विभिन्न देशों से हिंदू नेता, विचारक, उद्यमी, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के प्रणेता एवं विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महामंत्री स्वामी विज्ञानानंद ने रविवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में हिंदू समाज से जुड़े आर्थिक, शैक्षणिक, मीडिया, राजनीतिक, महिला, युवा और संगठनात्मक विषयों पर सात समानांतर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
सात विषयों पर होगा मंथन
WHC 2026 के तहत वर्ल्ड हिंदू इकोनॉमिक फोरम, हिंदू एजुकेशन कॉन्फ्रेंस, हिंदू मीडिया कॉन्फ्रेंस, हिंदू पॉलिटिकल कॉन्फ्रेंस, हिंदू वुमेन कॉन्फ्रेंस, हिंदू यूथ कॉन्फ्रेंस और हिंदू ऑर्गेनाइजेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित होंगे। इन मंचों के माध्यम से हिंदू समाज की विविधता, सृजनशीलता, ज्ञान, उद्यमशीलता और संगठनात्मक क्षमता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
60 से अधिक देशों के 6500 से ज्यादा प्रतिभागी ले चुके हैं भाग
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस की शुरुआत वर्ष 2014 में दिल्ली से हुई थी। इसके बाद 2018 में शिकागो और 2023 में बैंकॉक में इसका आयोजन हुआ। अब तक आयोजित सम्मेलनों में 60 से अधिक देशों के 6,500 से ज्यादा प्रतिभागी सहभागिता कर चुके हैं।
पूर्व सम्मेलनों में दलाई लामा, माता अमृतानंदमयी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हो चुकी हैं।
अजय पिरामल होंगे सम्मेलन के अध्यक्ष
स्वामी विज्ञानानंद ने बताया कि पिरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पिरामल को WHC 2026 का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं विशाद मफतलाल और महेश भागचंदका सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन केवल विचार-विनिमय का मंच न रहकर नेटवर्किंग, सहयोग और ठोस कार्ययोजनाओं के निर्माण का केंद्र बनेगा। हिंदू समुदाय की रणनीतिक आवश्यकताओं और विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
‘संगठित होकर चुनौतियों का सामना करने का समय’
स्वामी विज्ञानानंद ने कहा कि आज हिंदू समाज पिछली एक सदी की तुलना में अधिक दृश्यमान और स्वीकार्य स्थिति में है। ऐसे समय में आवश्यकता है कि हिंदू समाज साझा संकल्प और दृढ़ता के साथ अपनी आकांक्षाओं को साकार करने की दिशा में आगे बढ़े तथा सामने आने वाली चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करे।
वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस ‘यतो धर्मस्ततो जयः’ अर्थात ‘जहां धर्म है, वहां विजय है’ की भावना से संचालित वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है। प्रत्येक चार वर्ष में आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन हिंदू समाज की आर्थिक, शैक्षणिक, मीडिया, राजनीतिक, महिला, युवा और संगठनात्मक शक्ति को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास करता है। 2026 में मुंबई में होने वाला सम्मेलन इसी श्रृंखला का अगला अध्याय होगा।