Breaking News
VSK Foundation Jaipur Logo - विश्व संवाद केंद्र जयपुर
विश्व संवाद केंद्र, जयपुर ( VSK Foundation Jaipur )

भारत का विभाजन अप्राकृतिक, भारत पुनः अखण्ड होगा : डॉ. रमेश अग्रवाल

By वीएसके डेस्क August 15, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
भारत का विभाजन अप्राकृतिक, भारत पुनः अखण्ड होगा : डॉ. रमेश अग्रवाल
अजमेर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अजमेर के डिग्गी चौक स्थित कार्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल, अजमेर महानगर संघचालक खाजूलाल चौहान एवं चित्तौड़ प्रांत प्रचार प्रमुख राजेंद्र लालवानी ने ध्वजारोहण किया। समारोह में उपस्थित स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए डॉ. रमेश अग्रवाल ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए हजारों क्रांतिकारियों और देशभक्तों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनके त्याग और बलिदान के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह देश के शहीदों के प्रति कृतज्ञ रहे और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारे। उन्होंने कहा कि भारत को जो स्वतंत्रता विभाजन के बाद मिली, वह पीड़ादायक स्मृतियों से जुड़ी हुई है। विभाजन के दौरान भारत माता की दो भुजाओं के समान पंजाब और बंगाल को अलग कर दिया गया। धर्म के आधार पर हुए विभाजन के कारण लाखों लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों को अपने प्राण गंवाने पड़े।
भारत का विभाजन अप्राकृतिक, भारत पुनः अखण्ड होगा : डॉ. रमेश अग्रवाल
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि विभाजन की इस त्रासदी को देश की युवा पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास के इस अध्याय को समझ सकें और उससे सीख ले सकें। उन्होंने कहा कि महर्षि अरविंद, वीर सावरकर एवं परम पूजनीय श्री गुरुजी सहित अनेक राष्ट्रचिंतकों का मत था कि भारत का विभाजन अप्राकृतिक है। भारत की सांस्कृतिक एकता और अखंड चेतना को विभाजित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत पुनः अखण्ड होगा।

Related Articles

संत रविदास के बेगमपुरा से एआई तक, भविष्य के भारत पर मंथन

शेखावाटी साहित्य संगम के अंतिम दिन चार सत्रों में संत साहित्य, शिक्षा, इतिहास और राष्ट्रबोध पर चर्चा; राजस्थानी भाषा को व्यवहार में अपनाने पर जोर

Oct 11, 2026

इतिहास से हौसला, तकनीक से चुनौती और लोककला से पहचान का संदेश

शेखावाटी साहित्य संगम के दूसरे दिन गुरु तेग बहादुर के बलिदान, युवा शक्ति और डिजिटल दौर की चुनौतियों पर मंथन; लोककला प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा

Oct 10, 2026