संत रविदास ने सामाजिक समरसता और धर्म रक्षा का मार्ग दिखाया: निम्बाराम
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डॉ. ईश्वर बैरागी
August 19, 2026
समाचार › संघ व विविध संगठन
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और संदेश के माध्यम से समाज को सामाजिक समरसता का मार्ग दिखाया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव और जातिगत विभाजन के विरुद्ध जनजागरण करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को समान दृष्टि से देखने तथा आपसी भेदभाव समाप्त करने का संदेश दिया।
निम्बाराम सांगानेर महानगर में संत रविदास जी महाराज के 650वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में यशोदा देवी रेवाचंद गुरनानी चैरिटेबल ट्रस्ट भवन, प्रताप नगर-सांगानेर में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि निश्चल मन से की गई साधना हमेशा फलीभूत होती है। संत रैदास, रविदास, कबीरदास और गोरखनाथ समकालीन संत थे, जिन्होंने निर्मल मन से साधना कर समाज को मार्ग दिखाया। संत रविदास ने घर वापसी का कार्य भी किया। भक्तिकाल में उन्होंने धर्म रक्षा के लिए अनुकरणीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि बिना संस्कारों के सृजन विनाश के समान है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन अनुकरणीय है। उन्होंने वंचित और उपेक्षित वर्गों के बीच जाकर आत्मसम्मान और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी सामाजिक समरसता और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। वक्ताओं ने कहा कि उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने मां भारती और संत रविदास के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया। इस दौरान पुस्तकों की बिक्री के लिए साहित्य स्टॉल भी लगाया गया।