शेखावाटी साहित्य संगम 2026: मातृशक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर हुआ मंथन, 9 अक्टूबर से सीकर में जुटेंगे प्रबुद्धजन
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वीएसके डेस्क
October 09, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
झुंझुनूं। शेखावाटी की साहित्यिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी विचारधारा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 8 अक्टूबर को झुंझुनूं के न्यू राजस्थान बालिका महाविद्यालय में ‘शेखावाटी साहित्य संगम 2026’ का आयोजन किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, मातृशक्ति के योगदान, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की आराधना और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान मानसिंह, गेंदालाल, डॉ. शुचि चौहान, डॉ. रोहित जैन, गुलजारीलाल कालेर, लोकेश और दुर्गावती सहित अन्य लोगों ने दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम का संचालन प्रमेंद्र कुल्हार ने किया।
महिला सशक्तिकरण और मातृशक्ति के योगदान पर चर्चा
साहित्य संगम के पहले सत्र का आयोजन सुबह 10:15 बजे ‘महिला सशक्तिकरण: बदलाव की एक नई दिशा’ विषय पर हुआ। सत्र का संचालन श्रीमती सरोज ने किया। इसमें शिक्षाविद् एवं सामाजिक विचारक डॉ. रोहित कुमार जैन और शिक्षाविद् एवं लेखिका डॉ. शुचि चौहान ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण को समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। चर्चा के दौरान शेखावाटी क्षेत्र की मातृशक्ति के गौरवशाली इतिहास, सामाजिक योगदान और वर्तमान समय में विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी पर हुआ मंथन
दूसरे सत्र का विषय ‘रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और युवाओं की जिम्मेदारी’ रहा। इस सत्र का समन्वय श्रीराम ने किया। इसमें सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सेवानिवृत्त आईजी मदन सिंह राठौड़ और सेवानिवृत्त भारतीय सेना अधिकारी कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ ने युवाओं का मार्गदर्शन किया।
वक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर, अनुच्छेद 370 हटने के बाद की परिस्थितियों, भारतीय सेना में शेखावाटी के जवानों की ऐतिहासिक एवं शौर्यपूर्ण भूमिका तथा सेना में युवतियों की बढ़ती भागीदारी जैसे विषयों पर चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता और राष्ट्र रक्षा में युवाओं की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया।
9 से 11 अक्टूबर तक सीकर में होगा आयोजन
आयोजन टोली के सदस्य राहुल सिंह कबीरसर ने बताया कि झुंझुनूं में कार्यक्रम के बाद अब शेखावाटी साहित्य संगम का आयोजन 9 से 11 अक्टूबर तक सीकर में किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि 9 अक्टूबर को राजस्थान के राज्यपाल भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सीकर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में जनसांख्यिकी परिवर्तन, हल्दीघाटी का इतिहास, सिनेमा, गुरु तेग बहादुर, संत रविदास और ऐतिहासिक योद्धाओं के जीवन एवं योगदान जैसे विषयों पर विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कवि सम्मेलन, नाटक और फिल्म मेकिंग कार्यशाला होंगे आकर्षण
तीन दिवसीय साहित्य संगम में साहित्य और विचार-विमर्श के साथ कला एवं संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें कवि सम्मेलन, नाटक मंचन और विभिन्न प्रतियोगिताएं शामिल हैं।
युवाओं को सिनेमा और कला के क्षेत्र में जागरूक करने तथा तकनीकी ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से ‘अरावली मोशन’ के तत्वावधान में फिल्म मेकिंग कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला के माध्यम से युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति के सदस्यों ने उपस्थित प्रबुद्धजनों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। शेखावाटी साहित्य संगम के माध्यम से साहित्य, संस्कृति, सामाजिक विषयों और राष्ट्र सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।