समाचार
राजस्थान के आसमान में दुनिया की वायु ताकत का जमावड़ा: F-35, राफेल, सुखोई और तेजस साथ भर रहे उड़ान
जोधपुर में तरंग शक्ति-2026 का दूसरा संस्करण; 8 देशों के 80 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और करीब 1500 सैन्यकर्मी शामिल, पहली बार अमेरिकी F-35 भारतीय सैन्य अभ्यास का हिस्सा
भारतीय पायलट ने विमान क्रैश होने से बचाया; इजराइल बोला- 9/11 जैसा हमला हो सकता था
चाकू मार रहे को-पायलट से लड़े, 180 लोग सवार थे
सीमा से 80 किमी दूर हाईवे बना सेना का रनवे, NH-911 पर उतरे रुद्र, ध्रुव और चेतक
दंतौर के पास करीब 30 मिनट चला अभ्यास, हाईवे से ही हेलिकॉप्टरों ने भरी उड़ान; आपात स्थिति में वैकल्पिक लैंडिंग स्थल के उपयोग की क्षमता परखी
सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 52 हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
सनातन संस्कृति, भारतीय जीवन-मूल्यों और पंचपरिवर्तन से विद्यार्थियों को कराया परिचित
नशे की पहुंच छोटे कस्बों और शिक्षण परिसरों तक, भावी पीढ़ी को बचाने समाज जागरण जरूरी : निंबाराम
नशा व्यक्ति ही नहीं परिवार और आने वाली पीढ़ियों को भी करता है प्रभावित
एकात्म मानवदर्शन केवल भारत नहीं, समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शक : होसबाले
बोले- दीनदयाल ने भारत को भारत बनाने की जीवन दृष्टि दी, इसे सामाजिक जीवन में उतारने की जरूरत; तकनीक मानव के सुख के लिए हो
दीनदयाल मेले में दिखी स्वदेशी और संस्कृति की झलक, किसान चौपाल में कृषि की नई तकनीकों पर हुआ मंथन
कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर ने धानक्या गांव को गोद लेने और स्वदेशी शोध पीठ स्थापित करने की घोषणा
‘हम भारत के लोग’ पर लोक मंथन: भारतीयता को पश्चिमी नजरिए से नहीं, ‘स्व’ के दृष्टिकोण से समझने की जरूरत
जे. नंदकुमार बोले—लोक केवल परंपरा नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार; लोकज्ञान को मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी
अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक शोध संगोष्ठी का समापन, निंबाराम बोले- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाना पूरे समाज का दायित्व
समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग दिखाता है दीनदयाल का एकात्म मानवदर्शन
‘हम भारत के लोग’ के संदेश के साथ जयपुर में निकली लोकमंथन यात्रा
5000 से अधिक लोगों की सहभागिता, 3500 से अधिक कॉलेज विद्यार्थियों ने लिया भाग; लोक संस्कृति के रंगों से सजा महारानी कॉलेज
“गुरु तेग बहादुर के बलिदान से टूटे औरंगजेब के मंसूबे, धर्म की रक्षा के लिए शहादत की मिसाल बने”: डॉ. कृष्ण गोपाल
गुरु नानकदेव ने विविधताओं के बीच एकत्व का भाव जगाया, इसी परंपरा में गुरु तेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए दिया बलिदान