मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग
वनवासी कल्याण परिषद ने ज्ञापन सौंपकर केंद्र व राज्य सरकार का ध्यान खींचा, जनजातीय बलिदानियों को राष्ट्रीय पहचान देने की उठाई मांग
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वीएसके डेस्क
October 23, 2026
समाचार › राजस्थान विविध
राजस्थान। मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद एवं वनवासी कल्याण आश्रम की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार से मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के अनुरूप संरक्षण और विकास की मांग की गई।
ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से सौंपा गया। इसमें कहा गया कि जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को राष्ट्रीय पहचान मिलनी चाहिए।
1913 के बलिदान को मिले राष्ट्रीय पहचान
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में चले भगत आंदोलन ने जनजातीय समाज में सामाजिक सुधार, स्वाभिमान और राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। 17 नवंबर 1913 को मानगढ़ पहाड़ी पर अंग्रेजी शासन की गोलीबारी में बड़ी संख्या में जनजातीय महिला, पुरुष और बाल आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया। यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय है।
ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 1 नवंबर 2022 की मानगढ़ धाम यात्रा और राष्ट्रपति की 4 अक्टूबर 2024 की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि यह स्थल राजस्थान सहित गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के जनजातीय समाज की साझा ऐतिहासिक विरासत है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की अनुशंसा और अगस्त 2022 में प्रस्तुत शोध-आधारित रिपोर्ट का हवाला देते हुए भी मानगढ़ को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की गई।
बलिदानियों के सम्मान का विषय
परिषद ने मांग की कि मानगढ़ धाम को अविलंब राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर इसके संरक्षण और विकास की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। परिषद का कहना है कि इससे जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को उचित सम्मान मिलेगा तथा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरणा मिलेगी।